Friday, August 9, 2019

आईपीएस या मनुष्य तन मिला इन्शान !

Shri Vikas Vaibhav, IPS
Bihar


भाग-1-  इन्शानियत धर्म को परिभाषित करते श्री विकास वैभव!

बिहार के बेगूसराय जिले अंतर्गत बीहट गांव से आने वाले श्री विकास वैभव आज देश के लाखों युवाओं के आदर्श/प्रेरणा बने हुए हैं। श्री विकास वैभव बिहार कैडर अंतर्गत 2003 बैच के आईपीएस हैं। 21 नवंबर 1979 को जन्मे श्री विकास वैभव जी स्नातक, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, IIT कानपूर से किये हुए हैं।
वर्तमान में भागलपुर रेंज के DIG श्री विकास वैभव पूर्व में पटना के SP/SSP, बगहा SP, रोहतास SP और दरभंगा जिले के पुलिस अधीक्षक रह चुके हैं। इसके पूर्व भी इन्होने NIA दिल्ली में अपनी योगदान दे चुके हैं

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इनके चाहने वालों का अंदाजा आप ऊपर के लिंक को देख कर लगा सकते हैं, श्री विकास वैभव जी के फेसबुक पेज पर 2,42,305 आम जनता सक्रीय रूप से जुड़े हुए हैं। यह स्वयं सभी जरुरी कमेंट्स को देखकर उस पर जरूरत के हिसाब से अपनी प्रतिक्रिया देते हैं। सोशल मिडिया के युग में इन्होने इसका सदुपयोग कर कई केस को सॉल्व भी करने का काम इन्होने बखूबी निभाया है। यहाँ पर मिलने वाले शिकायत को भी यह देखते और सुनते हैं। जांच में जो निष्कर्ष निकल कर आता है, उस पर उचित कार्यवाही भी करते हैं।
श्री विकास वैभव वर्तमान में भागलपुर रेंज के DIG हैं, इन्होने 2 मई 2017 को भागलपुर में अपना योगदान दिया और उसी दिन से तीन जिले अर्थात भागलपुर रेंज में पड़ने वाले ( भागलपुर, नौगछिया और बांका ) तीनों जिले की लाखों जनता के पास आत्म बल मिला, और ठीक लगभग एक सप्ताह बाद से ही इनके पास दर्जनों फरियादी अपनी फ़रियाद लेकर आने लगे।
श्री विकास वैभव जी एक ऐसे पुलिस उप-महानिरीक्षक बने जो भागलपुर के साथ मुंगेर रेंज का भी अतिरिक्त प्रभार संभाल कर एक साथ मुंगेर रेंज में पड़ने वाला जिला- ( मुंगेर,शेखपुरा,खगड़िया,बेगूसराय,जमुई लखीसराय ), भागलपुर रेंज में पड़ने वाला जिला- ( भागलपुर,नौगछिया और बांका ) कुल नौं  जिलों को एक साथ संभालने में सफल रहे। भागलपुर में तो लगातार रहे लेकिन मुंगेर रेंज में दिनांक- 2nd-Aug-2017 to 7th-April-2018 & 28th-May-2019 to 08th-July-2019 तक लगातार रहे 
इनके कार्य करने की निति को आप ऐसे समझें की अब तक भागलपुर रेंज से लगभग दो दर्जन पुलिस कर्मियों को बर्खास्त करने का काम, और लगभग चार दर्जन थानेदारों को निलंबित करने का काम दिए गए जांच के आदेश में निकले निष्कर्ष पर इन्होने किया है।
श्री विकास वैभव फरियादियों के सामने ही उनसे संबंधित थानेदारों को फोन पर नाम सहित निष्पक्ष जांच कर, उचित कार्यवाही करने की हिदायत और आदेश देते हैं, फिर फरियादियों को यह सुझाव देते हैं की अगर सही जांच नहीं करेगा तब आप पुनः मेरे पास आइयेगा, फिर देखेंगे।



अपने कार्यालय में फरियादियों से मिलते हुए !
श्री विकास वैभव जी के रेंज में आज हर घूसखोर पुलिस वालों के मन में एक खौफ चल रहा है, जिससे वो अपने व्यवहार में थोड़ी बहुत परिवर्तन मज़बूरी के रूप में करने का काम किया है। इनके नजरों में आने वाले किसी भी लापरवाह पुलिस कर्मियों या पदाधिकारियों को छोड़ा नहीं जाता है । किसी न किसी रूप में उसे दण्डित होना सुनिश्चित और तय होता है। आज इनके कार्यकाल में हजारों बेबस और लाचारों को एक शक्ति मिली, जिससे वो बुराइयों का सामना कर सकें। ईमानदार  पुलिस वाले इन्हें अपना आदर्श मानते हैं । वहीं भ्र्ष्ट पुलिस वाले इनसे खौफ भी खाते हैं
कुछ दिनों पहले की बात है जब बिहार पुलिस के मुखिया श्री गुप्तेस्वर पांडे जी बिना किसी को बताये इनके रेंज क्षेत्र अंतर्गत नौगछिया चले आये, वो भी सिविल में। एक थाने में पहुंचे तब वहां के सिपाही से एक केस की पैरवी करने की बात कही। तभी सिपाही ने श्री  विकास वैभव जी की शिकायत कर डाली। उसने कहा- " क्या पैरवी और काम करें, यहाँ का DIG तुरंत सस्पेंड ही कर देता है, कुछ करने ही नहीं देता " इसका अर्थ यह हुआ की किसी भी केस में कोई गलत काम होने यह नहीं देते, जिसकी पीड़ा उसके जैसे हर भ्रस्ट सिपाही और अन्य पुलिस पदाधिकारियों के अंदर छलक रही होंगी। भागलपुर में ट्रकों से अवैध वसूली का मामला अधिक आता था, जब से यह यहाँ आये, अपने संज्ञान में लेकर इसे रोकने में सफलता हासिल की। कुछ ने जब नहीं माना तो उसे बर्खास्त करने में इन्होने तनिक भी संकोच नहीं किया
इनके आम जनता दरवार की खबर भिन्न-भिन्न अखबारों की सुर्खियां बनी रहती हैं। इनके दरवार की एक खाशियत यह भी है की यहाँ से कोई निराश नहीं लौटता, अगर कोई निर्दोष है, फंसाया गया है तब उसे यहाँ से इन्साफ मिल जाती है। ऐसे मौकों पर कभी कभार दोषी भी पहुँच जाते हैं अपनी पैरवी लेकर, लेकिन पैरवी के जगह वो उल्टा इनके हांथों में चढ़ जाता है और धमी प्रक्रिया में चल रहे केस को गति दे दी जाती है
श्री वैभव जी के कार्यालय में प्रत्येक दिन सोमवार से शनिवार सैंकड़ों फरियादी अपनी तकलीफें के साथ एक लिखित आवेदन लेकर पहुँचते हैं, और दिए गए समय में मिलकर उस समस्या का उचित समाधान करते हैं। इनके इस जनता दरवार से कोई मायूस होकर नहीं लौटता, हर किसी की यह एक सामान से सुनते हैं। यहाँ कोई बड़ा नहीं, कोई छोटा नहीं, सबों को एक सामान इज्जत और सम्मान दी जाती है। हर फरियादी अपनी बारी आने की प्रतीक्षा करते हैं, और जब फरियादियों की बारी आती है तब उन्हें नाम के साथ बुलाकर उनकी समस्या से श्रीमान वैभव जी अवगत होकर, उचित कार्यवाही हेतु आवेदन पर हरे रंग की कलम से लिखते हैं। इस कलम की ऐसी ताकत है, जो पीड़ितों को न्याय दिला देती है



श्री विकास वैभव जब से भागलपुर रेंज में अपना कदम रखे हैं, तभी से वहां कार्यालय के अंदर आने वाले फरियादियों के लिए बैठने हेतु कुर्सियों की व्यवस्था और पीने के लिए पानी की व्यवस्था कर दी गयी है
श्री विकास वैभव इतने फ्रेंडली हैं की इनसे हर एक आम व्यक्ति जुड़ा हुआ रहता है। इन्होने पुलिस का अर्थ ही बदल कर रख दिए। आम पब्लिक के साथ दोस्तना व्यवहार हर किसी के दिल को छू जाता है। आज के समय में ऐसे पुलिस_पब्लिक रिलेशन देखने को बहुत कम मिलते हैं। यह भी हम कह सकते हैं की ऐसे रिलेशन देखने को मिलते ही नहीं हैं
श्री विकास वैभव जी हमेशा यह ख्याल रखते हैं की आम जनता को पुलिस के द्वारा किसी भी प्रकार से दी गयी दिक्क्त का सामना नहीं करना पड़े। श्री वैभव जी बीच बीच में लोक-संवाद कार्यक्रम का भी आयोजन रखते हैं। इस आयोजन से आम जनता के बीच एक ऊर्जा मिलती है, और समाज में फैले कुरीतियों से लड़ने की प्रेरणा के साथ संवाद कार्यक्रम में उसकी विस्तृत जानकारियां साझा करते हैं
क्या बड़ा और  छोटा हर किसी के रीयल हीरो हैं श्री विकास वैभव जी। आज बच्चों से लेकर बड़े सब लाखों की संख्यां में इनके फैन बने हुए हैं। यह संख्यां हर दिन बढ़ती जाती है। जहाँ भी इनका आगमन होता है वहां से इनके हजारों चाहने वाले निकलते हैं
श्री वैभव जी को इस बात का हमेशा अंदेशा रहता है की सभी अच्छे पुलिस वाले नहीं होते हैं, कुछ गलत नीतियों के शिकार होते हैं। ऐसे पुलिस अधिकारीयों के लिए श्रीमान के पास एकमात्र विकल्प होता है सस्पेंड करना। और अगर मामला संगीन हों तब बर्खास्त कर देते हैं। पब्लिक के बीच में रहने वाले श्री वैभव जी हमेशा सबकी सुनते हैं
श्री विकास वैभव जी का लगाव अध्यात्म से भी बहुत गहरा है। हिन्दू परिवार से होने के नाते यह अध्यात्म की और भी झुके होते हैं। समय के अनुकूल पूजा पाठ, शान्ति पाठ जैसे मुख्य आयोजन का हिस्सा बनते हैं

श्री विकास  वैभव जी इतिहास में अच्छी खासी रूचि रखते हैं, साथ ही साथ फोटोग्राफी करने में भी बड़े दिलचश्प हैं। एक आसान शब्दों में इनके लिए कहा जाए तब ' जिन्दा दिली इन्शान हैं ' श्री विकास वैभव
इन्हें भ्रमण के दौरान जब भी किसी प्राचीन/रहस्य्मय  और महत्वपूर्ण देश के गौरवशाली इतिहास के संकेत मिलते हैं तब इनका यात्री मन उसकी गहराइयों में जाने को उत्सुक हो उठता है, और अंततः उसकी विस्तृत जानकारियां हासिल कर अपने ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से शेयर करते हैं

श्री विकास वैभव जी सांस्कृतिक आयोजनों का हिस्सा बनने में निःसंकोच दिलचश्पी दिखाते हैं, और आयोजन समिति के लोगों यह आश्वासन देते हैं की आग समय मिला तब हम वहां जरूर आएंगे। जहाँ नहीं जाना होता है, उसी वक्त स्पष्ट रूप से मना कर देते हैं, और यह कहते हैं की आपके यहाँ हम नहीं आ सकते
श्री विकास वैभव जी का सम्बोधन जब शुरू होता है, वहां स्वयं शान्ति वातावरण की स्थापना हो जाती है। सभागार में मौजूद हर श्रोता/दर्शक  इनके ऐतिहासिक भाषणों का हिस्सा बन बैठती हैं। जिस क्षेत्र में इनका सम्बोधन हो रहा होता है, उस क्षेत्र से जुड़े हर पहलुओं पर वैभव जी अपना प्रकाश डालते हैं। 
पूर्व राज्यपाल बिहार, श्री सत्यपाल मलिक जी के साथ विक्रमशिला विश्वविद्यालय में भ्रमण के दौरान। विश्वविद्यालय से संबंधित पुरानी यादों से अवगत होते हुए श्री मलिक साहब। 
अपने सरल स्वभाव के धनी व्यक्तित्व वाले वैभव जी हर किसी को अपनी स्वभाव के कारण अपनी और आकर्षित करते हैं। समाज का किस रूप में भला होगा, उसके लिए प्रेरित भी करते हैं
निर्भीक रूप से अपने अंगरक्षकों के साथ सुदूर नक्सल प्रभावित पहाड़ियों/इलाकों में जाने को जरा सा भी संकोच नहीं करते। यह तश्वीर भीम बाँध मुंगेर की है। जहाँ मुंगेर प्रवास के दौरान इनका जाना तय हुआ। भीम बाँध में आकर्षण का केंद्र गर्म पानी का झरना है। 

लिखते हैं -
A keen traveler, I am deeply interested in learning more about the Hidden Facets of the Vast History of India and in contributing to the Glorious Future of India. I have been regularly contributing to History through my blog at http://silentpagesindia.blogspot.in/
श्री विकास वैभव जी, इतिहास में अच्छी खासी अपनी रूचि रखते हैं, इसलिए इन्होने इतिहास से सम्बंधित कई सारे ब्लॉग लिख चुके हैं। उसका लिंक भी ऊपर दे चूका हूँ।